राजकुमार राव के साथ अनुभव सिन्हा और भूषण कुमार की फ़िल्म 'भीड़' में भूमि पेडनेकर आएंगी नज़र

राजकुमार राव के साथ अनुभव सिन्हा और भूषण कुमार की फ़िल्म 'भीड़' में भूमि पेडनेकर आएंगी नज़र

Yashi Verma

डायरेक्टर अनुभव सिन्हा की फिल्में काफी अलग होती हैं। उनकी फिल्में ऑडियंस के बीच कन्वर्सेशन शुरू करती है और उन टॉपिक्स पर बात करती है जिसपर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया जाता। और अब एक बार फिर अनुभव एक ऐसी ही फ़िल्म लेकर आने वाले हैं। मैं बात कर रही हूँ भीड़ की। हाल ही में ये अनाउंस हुआ था के अनुभव सिन्हा और भूषण कुमार भीड़ के लिए एक बार फिर प्रड्यूसर के रूप में कोलैब्रेट करने वाले हैं और इस फ़िल्म के लीड राजकुमार राव होंगे। इस खबर के बाद हम सभी ये जानने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे के भीड़ में फीमेल लीड कौन होंगी और अब इस बात का भी खुलासा हो चुका है। आपको बता दूँ, इस फ़िल्म में राजकुमार के साथ भूमि पेडनेकर नज़र आने वाली हैं।

अनुभव ने भूमि को कास्ट करने के बारे में बात की।

उन्होंने कहा-

भूमि इस नेचर की फ़िल्म के लिये परफेक्ट चॉइस थी। वो एक अश्योर्ड एक्ट्रेस हैं साथ ही एक ऐसी औरत है जिसका अपना माइंड है। इस कैरेक्टर में यही क्वालिटी चाहिए थी। मैं इससे बेहतर कास्ट के बारे में नहीं सोच सकता था। ये वो परफ़ॉर्मर्स हैं जो ना सिर्फ हर बार स्क्रीन पर आकर चमकते हैं, बल्कि लिखे हुए शब्दों को स्क्रीन पर मैजिक की तरह पेश करते हैं। मैं ऐसी टीम पाकर बलेस्ड महसूस कर रहा हूँ। मैं भूषण कुमार से बेहतर कोलेब्रेटर नहीं मांग सकता था, जोकि हर स्टेप में बहुत सपोर्टिव है। वो एक ऐसे विज़नरी हैं जो सिनेमा की डाइवर्सिटी में विश्वास रखते हैं और ऐसी स्टोरी सुनाना चुनते हैं जोकि गटसी और अलग रहती हैं।

भूषण कुमार ने कहा-

अनुभव सिन्हा की काम करने की प्रोसेस इतनी एफर्टलेस है के मैं काम करने के लिए उनसे बेहतर पार्टनर के बारे में नहीं सोच सकता था। भीड़ उन प्रोजेक्ट्स में से एक है जिनपर मुझे नाज़ है। ये एक हार्ड हिटिंग स्टोरी है, जिसके लिए उन्होंने शानदार एक्टर्स को ऑनबोर्ड किया है। भूमि एक बेहतरीन परफ़ॉर्मर है और इस रोल के लिए उनसे बेहतर चॉइस और कोई नहीं हो सकती थी।

भूमि ने प्रोजेक्ट के लिए अपनी एक्साइटमेंट एक्सप्रेस करते हुए कहा-

अनुभव सिन्हा की फ़िल्म का हिस्सा होना मेरे लिए बहुत ऑनर और प्रीविलेज की बात है। वो भी मेरा वैल्यू सिस्टम शेयर करते हैं के मूवीज़ माइंडसेट बदलने की ताकत रखती हैं। आर्टिस्ट्स होने के नाते ये ज़िम्मेदारी हमारी होती है के हम ऐसी कहानियाँ सुनाएं। यही चीज़ भूषण कुमार पर भी लागू होती है, जो अपने राइटर्स, एक्टर्स और डायरेक्टर्स को गटसी होने की अनुमति देते हैं, जिससे उन्हें अपने इंस्पायर्ड प्रड्यूसर जैसा बनने का कॉन्फिडेंस मिलता है। ये एक बहुत ज़रूरी सब्जेक्ट है और मैं इस सफर पर जाने का इंतज़ार नहीं कर सकती।

बधाई दो के बाद ये भूमि और राजकुमार की साथ में दूसरी फिल्म होगी और मैं उन्हें इन दोनों ही फिल्मों में देखने का इंतज़ार नहीं कर सकती।