'जय भीम', 'मिन्नल मुरली', 'कर्णन' जैसी यह पांच दक्षिण भारत की फिल्में दिल को छूती हैं

'जय भीम', 'मिन्नल मुरली', 'कर्णन' जैसी यह पांच दक्षिण भारत की फिल्में दिल को छूती हैं

Anupriya Verma

पुष्पा : द राइज की सफलता ने यह तो साबित कर दिया है कि दक्षिण भाषा की फिल्मों के दर्शक बन चुके हैं। दक्षिण फिल्मों की खासियत यही नजर आ रही है कि पहले, जहाँ फिल्में केवल मसाला फिल्मों तक सीमित रहती थी। अब दक्षिण में सामाजिक विषयों और कॉमेडी विषयों पर भी फिल्में खूब बनने लगी हैं। पिछले कुछ समय में मैंने गौर किया है, वर्ड ऑफ़ माउथ की वजह से कुछ खास दक्षिण फिल्में जो सामाजिक मुद्दों पर आधारित रही हैं, उन्हें खूब पसंद किया गया है। मैंने हाल में नेट सर्फिंग करते हुए कुछ बेहतरीन फिल्में वीकेंड के दौरान देख डाली हैं और मैं कुछ ऐसी चुनिंदा पांच फिल्मों के बारे में जरूर बताना चाहूंगी, जो देखी जानी चाहिए।

कर्णन

अभी कुछ दिनों पहले मैंने ‘अतरंगी रे’ देखी थी, इस फिल्म में धनुष का रोमांटिक अंदाज़ सामने आया था।  अब मैं जब उनको ‘कर्णन’  के किरदार में कल्पना करती हूँ, तो मुझे खुद यह विश्वास नहीं हो रहा है कि एक सामान्य सा दिखने वाले लड़के का किरदार निभाने वाले कलाकार धनुषकर्णन’ जैसी कहानी का भी हिस्सा बन सकते हैं। ‘कर्णन’ मूल रूप से तमिल भाषा में बनी फिल्म है। तमिलनाडु में 90 के दशक में एक गांव में एक बड़ा हंगामा हुआ था, जब बड़ी संख्या में पुलिसवालों ने गांव वालों पर हमला कर दिया था। ऐसे में एक नायक कैसे उभर कर आता है और पूरे गांव के रक्षा करता है, इस फिल्म में वह देखना गजब का सिनेमेटिक अनुभव है। कहानी का रेफरेंस महाभारत के कर्ण किरदार से  लिया गया है। इस फिल्म के न सिर्फ कहानी, बल्कि सिनेमेटोग्राफी कमाल की है और मेरा विश्वास कीजिये, आप लंबे समय तक इसे भूल नहीं पाएंगे।  एक गांव और दलित समाज के अस्तित्व की कहानी है। यह फिल्म अमेज़ॉन प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है। इस फिल्म के निर्देशक मारी सेलवराज हैं

मिन्नल मुरली

मैंने इस फिल्म को देखने से पहले, इस फिल्म का ट्रेलर देखा था और ट्रेलर देखने के बाद ही मैंने निर्णय ले लिया था कि मैं यह फिल्म अपने घर के बच्चों के साथ देखने वाली हूँ। आखिर अपने देसी सुपरमैन की कहानी जो नजर आ रही थी ‘मिन्नल मुरली’ में।  फिल्म मूल रूप से मलयालम भाषा में है।  फिल्म एक ऐसे सुपरहीरो की कहानी है, जिसे अचानक से शक्ति मिलती है और वह सुपर पॉवर का इस्तेमाल गांव की भलाई के लिए करता है। लेकिन एक और शख्स है, जिसे एक रात की नेचुरल घटना होने के बाद वहीं सुपर पॉवर मिलते हैं। लेकिन वह इसका गलत इस्तेमाल करता है। अब अच्छाई और बुराई में किसकी जीत होती है। यह देखना फिल्म में दिलचस्प है। फिल्म में न सिर्फ काफी मजेदार दृश्य हैं, बल्कि एक मेसेज भी है कि आपको जब भी कोई पॉवर मिलता है, तो पॉवर हमेशा एक जिम्मेदारी लेकर आता है और इसका सही इस्तेमाल होना चाहिए। इस फिल्म में टोवो थॉमस ने बेहतरीन काम किया है। फिल्म नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है।

जय भीम

किसी सार्थक फिल्म को कैसे बिना शोर शराबे के बना सकते हैं, यह आपको ‘जय भीम’ सिखाती है। पूरी फिल्म भीमराव अंबेडकर के संविधान को सार्थक तरीके से दर्शाती है, लेकिन बिना बहसबाजी किये हुए। जातिवाद के मुद्दे को लेकर किस तरह पिछड़ी जाति को लगातार कुचला जा रहा है। इस कहानी में बेहतर तरीके से दर्शाया गया है। फिल्म में अभिनेता सूर्या ने बेहतरीन काम किया है। फिल्म वास्तविक घटना पर आधारित है। वर्ष 1995 में मद्रास अब चेन्नई हाईकोर्ट में दाखिल एक याचिका ने न सिर्फ तमिलनाडु, बल्कि पूरे देश का ध्यान अपनी तरफ खींचा था। एक दलित परिवार के आदमी पर झूठा केस किया जाता है और फिर उस पर जुल्म करना शुरू किया जाता है। ऐसे में एक वकील, उसकी पत्नी का केस लड़ता है और उसे न्याय दिलवाता है। इस फिल्म में सिलसिलेवार तरीके से कानून और संविधान के बीच के द्वंद्व को खूबसूरती से बयां किया गया है। फिल्म के निर्देशक टीजे घनवेल ने किया है। यह फिल्म अमेजॉन प्राइम वीडियो पर मौजूद है।

डॉक्टर

तमिल भाषा में बनी यह डार्क कॉमेडी फिल्म कमाल की है। इस फिल्म के निर्देशक नेल्सन दिलीप कुमार हैं। इस फिल्म ने केवल 25 दिन में 100 करोड़ से अधिक की कमाई कर ली थी।  फिल्म नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है। फिल्म में प्रियंका मोहन और शिवकार्तिकेयन ने अहम भूमिका निभाई है।

कुम्बलंगी नाइट्स

‘कुम्बलंगी नाइट्स ‘ मूल रूप से मलयालम में बनी फिल्म है। यह ऐसी सदाबाहर फिल्म है, जो कभी पुरानी नहीं हो सकती है।  मुझे इस फिल्म में ऋषिकेश मुखर्जी वाली फिल्मों की छवि नजर आयी। कहानी ऐसे भाइयों की है, जिनके पिता एक हैं, लेकिन मां नहीं। सभी साथ में रहते हैं। एक दूसरे को देखना पसंद करते भी नहीं, लेकिन मुसीबत आने पर एक दूसरे के साथ खड़े हो जाते हैं और इन सबके बीच है एक जीजा, जो पूर्ण रूप से देसी जीजाओं की तरह ही है। ऐसे में यह पूरी कहानी पारिवारिक कॉमेडी है, जिसका लुत्फ़ मैंने तो पूरे परिवार के साथ उठाया और आप भी इसका लुत्फ़ उठा सकते हैं। फिल्म में फहाद फासिल का अभिनय देख कर, मैं तो अपनी हंसी नहीं रोक पा रही थी। एक से बढ़ कर एक हिलेरियस दृश्य हैं फिल्म में। इस फिल्म में शेन निगमशोबिन जैसे कलाकार है। यह फिल्म अमेजॉन प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है।