Exclusive: कीर्ति कुल्हारी के प्रोड्यूसर बनने की यह पांच वजह बेहद 'अलहदा' और 'इंस्पायरिंग' है

Exclusive: कीर्ति कुल्हारी के प्रोड्यूसर बनने की यह पांच वजह बेहद 'अलहदा' और 'इंस्पायरिंग' है

Anupriya Verma

पिछले दिनों ‘शैतान’ फिर से देखी। खासतौर से कीर्ति कुल्हारी के लिए। इस फिल्म में चुलबुली सी दिखने वाली कीर्ति अब बेहद सशक्त अभिनेत्री बन चुकी हैं। कीर्ति ने कम समय में, बेहद धैर्य के साथ, धीरे-धीरे अपने कदम बढ़ाए हैं। उनकी खासियत यह रही कि उन्होंने कोई जल्दबाजी नहीं दिखायी। हर फिल्म में सिर्फ दिखने के लिए फिल्म साइन नहीं की। यही वजह है कि जब वह ‘उरी’ जैसी फिल्म में चंद दृश्यों में आती हैं, तब भी अपनी छाप छोड़ जाती हैं। 'फॉर मोर शॉर्ट्स में उन्होंने जो ग्लैमरस अवतार इख़्तियार किया है, उसे देख कर अगर आप यह मान बैठें कि कीर्ति तो ऐसे ही ग्लैम रोल्स ही करेंगी अब, तबतक वह आपको 'ह्यूमन ' जैसी सीरीज से चौंका देंगी। फिल्म ‘पिंक’ की सफलता का श्रेय बहुत हद तक कीर्ति को इसलिए भी मिलता है और मिलना चाहिए कि उन्होंने फिल्म में जो संजीदा अभिनय किया है। वह कुछ फिल्में पुरानी अभिनेत्रियों के लिए कर पाना मुश्किल है। कीर्ति आत्म निर्भर रहना ही पसंद करती हैं। इन दिनों अभिनय के साथ-साथ वह प्रोड्यूसर  की कुर्सी संभालने जा रही हैं। लेकिन प्रोड्यूसर बनने का सपना, उन्होंने सिर्फ पैसे कमाने के लिए नहीं चुना है। कीर्ति की सोच ने मुझे प्रभावित किया है, वह कहती हैं कि वह कुछ बदलने की कोशिश करना चाहती हैं। कीर्ति ने मुझसे वे पांच वजहें बताई हैं, जिनकी वजह से वह प्रोड्यूसर की कमान संभाल रही हैं, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि वह तवज्जो सिर्फ खुद के मुनाफे को नहीं, बल्कि साथ काम करने वालों को एक बेहतर स्पेस देने के लिए कर रही हैं।

ऐसी कहानियां जो आपका दिल और दिमाग खोले

कीर्ति कहती हैं कि अपने प्रोडक्शन हाउस से ऐसे ही कुछ भी नहीं बना देंगीं, बल्कि वह कहानियों के लिहाज से भी स्पष्ट हैं कि उन्हें वैसी कहानियां लेकर आनी है, जो आपका दिल और दिमाग खोल पाने में सार्थक साबित हो।  ऐसे विषय, जो आपने पहले सुने नहीं हों या फिर सुन कर भी अनसुना कर दिया है।

कीर्ति कहती हैं

मुझे इस बात की ख़ुशी है कि मेरे काम को देख कर दर्शकों को लगता है कि मैं अपना काम जिम्मेदारी के साथ करती हूँ, तो बतौर निर्माता मैं इस प्रोसेस में और अधिक इन्वॉल्व होना चाहती थी, अच्छी कहानियां कहने की और अधिक जिम्मेदारियां उठाना चाहती थी।

रिलेशनशिप के अलग-अलग पहलुओं को एक्सप्लोर करना पसंद है

कीर्ति कहती हैं कि मुझे रिलेशनशिप और लोग बहुत प्रभावित करते हैं, मुझे अलग-अलग तरह के रिलेशनशिप की गहराइयों में जाना, उसको हर एंगल से देखना, अलग-अलग तरीके से एक्सप्लोर करना पसंद है, सो, मेरे प्रोडक्शन हाउस से रिलेशनशिप पर आधारित फिल्में भी आपको देखने को मिलेगी।

जेंडर न्यूट्रल स्पेस के साथ लड़के और लड़कियां दोनों करें काम

कीर्ति कहती हैं कि उन्होंने ऐसा कभी सोच कर नहीं रखा था कि वह प्रोडक्शन हाउस शुरू करेंगी। लेकिन उन्होंने अपने होम प्रोडक्शन की शुरुआत कर दी है।

इस बारे में कीर्ति ने विस्तार से बताते हुए कहा

मैं महिलाओं के लिए एक सुरक्षित वर्क स्पेस और माहौल बनाना चाहती हूँ। मैं अच्छी तरह से जानती हूँ कि काम के दौरान, जो इस फील्ड से जुड़ी हुई हैं, उन्हें किस तरह के माहौल से गुजरना पड़ता है। मेरी
बेहद ख्वाहिश है कि मैं अपने होम प्रोडक्शन में जेंडर न्यूट्रल स्पेस क्रिएट करूं। जैसे अगर कोई लड़की वैसे क्षेत्र में है, जिसमें सिर्फ लड़के हैं। जैसे कैमरे के काम में, लाइटिंग के काम में, तब भी वह यह सोच कर काम न करे कि लड़कों के बीच कैसे हो पायेगा। उसमें वह आत्मविश्वास रहे कि कई लड़कों के बीच भी वह काम कर सकती है। सोलो गर्ल होते हुए भी उसे कोई भी सिचुएशन ऑक्वर्ड न लगे।

हेरार्की तोड़ने की कोशिश

कीर्ति को अपने साथ काम करने वाले लोगों के लिए हेरार्की के साथ नहीं, बल्कि आजादी के साथ काम करते देखना चाहती हैं। कीर्ति कहती हैं कि मुझे यह सब पसंद ही नहीं है कि कोई कुछ और खाना खा रहा है, क्योंकि वह लीड है तो उसे निम्न स्तर का खाना मिले, कीर्ति इस स्तर पर भी काम करना चाहती हैं।

सम्मान के ‘हकदार’ को मिले सम्मान

कीर्ति का मानना है कि कई बार काम करने वाले लोगों को सम्मान नहीं मिलता है। कीर्ति अपने प्रोडक्शन हॉउस में सम्मान को भी तवज्जो देना चाहती हैं।

कीर्ति कहती हैं  

आप यह सबकुछ बिना सफल हुए नहीं कर सकते, क्योंकि तब आपको लोग गंभीरता से नहीं लेंगे, इसलिए अगर आप अपने आस-पास की दुनिया में कुछ गलत होते देख रहे हैं और उसे बदलना चाहते हैं, तो खुद को कामयाब बना कर, बदलने की कोशिश कीजिये। यही वजह है कि मैंने भी अभी तक जो सफलता कमाई है, उसे मैं अपने प्रोडक्शन हाउस में निवेश करना चाहूंगी। यहाँ सफलता का मतलब पैसे नहीं, बल्कि पहचान और सम्मान से हैं।

कीर्ति कहती हैं कि मैं अब उस स्टेज पर हूँ, जहाँ मैं कामयाब हूँ और मैं अपनी कामयाबी का इस्तेमाल इस बदलाव के लिए कर सकती थी, इसलिए मैंने इस ओर कदम बढ़ाया।

वाकई, कीर्ति का नजरिया, अपने इस नए रोल यानी निर्माता बनने को लेकर काफी स्पष्ट है और मुझे पूरी उम्मीद है कि कीर्ति जिस नेक सोच के साथ यह कदम बढ़ा रही हैं, उन्हें कामयाबी जरूर मिले। कीर्ति के होम प्रोडक्शन की पहली फिल्म ‘नायका’ होगी।