Exclusive ! दीपिका पादुकोण : हाँ, मैं रणवीर और अपने परिवार को लेकर पोजेसिव हूँ

Exclusive ! दीपिका पादुकोण : हाँ, मैं रणवीर और अपने परिवार को लेकर पोजेसिव हूँ

Anupriya Verma

दीपिका पादुकोण, जब भी परिवार के साथ होती हैं, वह सबसे हैप्पी स्पेस में होती हैं। ऐसा उन्होंने खुद मुझसे हाल ही में हुई बातचीत में कहा। दीपिका की यही बता मुझे प्रभावित करती है कि सुपरस्टार होने के बावजूद, जिस तरह से वह जब अपने परिवार के साथ होती हैं, तो एकदम घरेलू लड़की बन जाती हैं। उन्हें घर पर अपने काम को लेकर जाना अच्छा नहीं लगता। वह घर पर घर जैसा ही माहौल रखना पसंद करती हैं। दीपिका ने मुझसे बातचीत के दौरान ख़ुशी-ख़ुशी इस बात को स्वीकारा कि हाँ, अपने रिलेशनशिप को लेकर वह बेहद पोजेसिव हैं और उन्हें अपने रिश्तों को संभालना भी पसंद हैं। ऐसे में उनकी आने वाली फिल्म ‘गहराईयां’ में उन्होंने एक ऐसा किरदार निभाया है, जैसा उन्होंने कभी नहीं निभाया था। इसलिए वह इस फिल्म को लेकर खूब उत्साहित हैं और उन्होंने मुझसे इस फिल्म के बारे में और जिंदगी से जुड़े कुछ खास पहलुओं पर कई दिलचस्प बातें बताई हैं।

अपने रिश्तों को लेकर हूँ पोजेसिव

दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह एक ऐसे कपल हैं, जिन्हें मैं जब भी साथ में देखती हूँ, दोनों का प्यार नया सा लगता है, दोनों एक दूसरे के साथ जिस तरह से समय बिताते नजर आते हैं और एक दूसरे की केयर करते नजर आते हैं, दोनों एकदम परफेक्ट कपल लगते हैं मुझे। ऐसे में जब मैंने दीपिका से पूछा कि उनकी जिंदगी में रिश्ते कितने मायने रखते हैं, तो उन्होंने कहा

मैं अपने रिश्तों को लेकर पोजेसिव हूँ और मुझे यह बात कहने में कोई गुरेज नहीं है। मैं अपने हस्बैंड रणवीर को लेकर जितनी पोजेसिव हूँ।  बहन को लेकर भी उतनी ही हूँ। मेरे माता-पिता को लेकर भी काफी पोजेसिव रहती हूँ और अपने सास-ससुर को लेकर भी, क्योंकि मैं मानती हूँ कि रिश्ते आपकी जिंदगी में खास होते हैं और उन्हें लेकर बहुत पोजेसिव होना कोई गलत बात नहीं है। मैं अपने रिलेशनशिप में कम्युनिकेशन को अहमियत देती हूँ, मैं मानती हूँ कि कम्युनिकेशन होना जरूरी है, इसलिए हम सभी आपस में खूब बातें करते  हैं। हम आपसे में एक दूसरे से वैसी बातें भी शेयर करते हैं, जिनको लेकर हम अनकम्फर्टबल हों, इससे रिश्तों के बीच एक अलग ही कंफर्ट आता है।

बहन अनीशा में जान बसती है मेरी

दीपिका अपनी बहन अनीशा के बेहद करीब हैं। दीपिका एक खास बांड अपनी बहन के साथ शेयर करती हैं। अपनी बहन के बारे में कई प्यारी बातें दीपिका ने कही।

वह कहती हैं
मुझमें और अनीशा की उम्र में पांच साल का अंतर है, मैं उसके लिए उसकी माँ की तरह ही हूँ। अनीशा हमेशा यह बात कहती है कि मेरी दो मां हैं। लेकिन पिछले दस सालों में इस रिलेशनशिप में काफी कुछ बदला है। हम एक दूसरे के दोस्त बन गए हैं और हम एक दूसरे से लगभग हर तरह की बातें शेयर करते हैं। वह मुझसे हमेशा सलाह लेती है और उसकी जिंदगी के बारे में मुझसे हर बात शेयर करती है। मेरी मां अब मुझसे कॉल करके पूछती है अनीशा के बारे में, क्योंकि वह जानती हैं कि हम दोनों एक दूसरे के बारे में सारी बातें शेयर करते हैं। अनीशा को मेरे स्टारडम से कोई लेना-देना नहीं है। वह मेरे स्टारडम और काम को समझती है और काफी रिस्पेक्ट करती है।

रणवीर और मैं करते हैं सबकुछ डिस्कस

दीपिका ने रणवीर को लेकर एक बड़ी प्यारी बात कही, उन्होंने कहा कि

रणवीर के साथ मैं अपनी फिल्मों की स्क्रिप्ट और रणवीर मेरे साथ अपनी फिल्मों की स्क्रिप्ट के बारे में सारी बातें शेयर करते हैं। लेकिन कौन सी फिल्म करनी है, यह फाइनल निर्णय हम दोनों का अपना-अपना होता है।  मैं रणवीर की सबसे बड़ी क्रिटिक हूँ और सबकुछ सही-सही बता देती हूँ कि मुझे क्या अच्छा लगा है क्या नहीं, उनके बताने का तरीका अलग होता है। मुझे ख़ुशी है कि हम दोनों के दूसरे के काम में इंटरफेयर नहीं करते हैं, बल्कि एक दूसरे के काम में सपोर्ट करते हैं।

शकुन बत्रा के साथ काम करना ही था

दीपिका पादुकोण को हमेशा से शकुन बत्रा के साथ काम करने की चाहत रही थी। वह कहती हैं कि मैं हमेशा से शकुन के साथ काम करना चाहती थी। उनकी फिल्म 'कपूर और संस 'मुझे बेहद पसंद आई थी। वह रियलिस्टिक फिल्में बनाते हैं और मैं ऐसे रोल करना पसंद करती हूँ। 'पीकू' और 'तमाशा' में मैंने कुछ ऐसा ही किरदार प्ले किया था। शकुन की कहानियों में जो लेयर्स और कॉम्प्लेक्ससिटीज होती है वह कमाल की होती है। इसलिए मुझे उनके साथ ‘गहराईयां’ करके बेहद मजा आया है।

काम को घर पर नहीं लाती हूँ

दीपिका साफ कहती हैं कि उन्हें अपना काम घर पर ले जाना पसंद नहीं है।

वह आगे कहती हैं कि

रणवीर मुझसे कल कह रहे थे कि ‘गहराईयां’ मैंने कब पूरी कर ली, पता ही चला। क्योंकि मैंने उनको मेरे इंटेंस किरदार को देखने ही नहीं दिया घर पर।  मैं एक स्विच ऑन और स्विच ऑफ़ होने वाली एक्ट्रेस हूँ। मैं अपने लाइफ को बैलेंस करने में यकीन करती हूँ। मैं जब घर पर होती हूँ , तो मैं घर की साग सब्जियां खरीदने में व्यस्त हूँ, हॉउस होल्ड चीजें मैनेज करती हूँ।  और अगर सेट की बात की जाए तो मैं जब इंटेंस किरदार करती हूँ तो मैं कुछ लाइट म्यूजिक सुनना पसंद करती हूँ।  और अगर मैं ईजी किरदार निभा रही होती हूँ तो अपने को स्टार्स के साथ जोक्स वगैरह करती रहती हूँ।  

गहराईयां में  अपने किरदार के बारे में दीपिका कहती हैं

मेरे लिए इस फिल्म में कोई भी रेफरेंस पॉइंट नहीं था, क्योंकि मैं अलीशा की तरह पूरी तरह से नहीं हूँ और मैंने अपने आस-पास ऐसी दुनिया नहीं देखी है। लेकिन मैं एक एक्टर हूँ और एक्टर का काम ही यही है कि वह वैसे किरदार को खास बनाये, जिसका कोई रेफरेंस पॉइंट न हो और लोगों को उसपर पूरा विश्वास हो जाये। मेरे लिए मेरे किरदार को ऑनेस्टी से निभाना ही मेरी सबसे बड़ी रेफरेंस पॉइंट है।मेरे और अलीशा में यह समानता है कि मैं भी उसकी तरह काफी एम्बीशियस हूँ। मैं भी जिंदगी में जो चाहती हूँ, उसे अचीव करना चाहती हूँ। हालांकि अलीशा की जिंदगी में, जो कुछ चॉइसेज रहे हैं, वह मैं अपनी जिंदगी में लागू नहीं करती हूँ।

मुझे अब भी सीखना पसंद हैं

दीपिका पादुकोण के बारे में निर्देशक शकुन बत्रा ने कहा कि उनमें अब भी एक स्टूडेंट नजर आता है।

इस बारे में दीपिका कहती हैं कि

यह सच है कि मुझे अब भी सीखना पसंद है। मैं अब भी सीख रही हूँ। मैं फिल्म इंडस्ट्री से नहीं हूँ, ऐसे में जब मुझे मेरी पहली फिल्म शाह रुख खान के साथ मिली थी। वह मेरे लिए बहुत ही खास पल था।  मैं अब भी जिंदगी में अपने टैलेंट को और अधिक निखारना चाहती हूँ। मैं और एक्सपेरिमेंट्स करना चाहती हूँ। मैं अपने काम से युवाओं को इंस्पायर करना चाहती हूँ।



वाकई, दीपिका से उनकी जिंदगी के इन पहलुओं के बारे में जानने के बाद, एक बात तो समझ में आई कि आपको अपने काम में ही हमेशा नहीं रहना चाहिए, अपने परिवार को भी समय देना चाहिए, मैं जरूर उनसे इस तरह के टिप्स लेना चाहूंगी और अपनी जिंदगी में उसे आजमाने की कोशिश करना चाहूंगी। बहरहाल, दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘गहराईयां’ 11 फरवरी को ‘अमेजॉन प्राइम वीडियो ‘पर रिलीज हो रही है।