प्रभु देवा, कृष और मणिरत्नम जैसे 5 साउथ इंडियन फिल्म निर्देशक, जिन्होंने हिंदी सिनेमा इंडस्ट्री में भी किया राज

प्रभु देवा, कृष और मणिरत्नम जैसे 5 साउथ इंडियन फिल्म निर्देशक, जिन्होंने हिंदी सिनेमा इंडस्ट्री में भी किया राज

Anupriya Verma

बॉलीवुड की फिल्मों में केवल साउथ के फ़िल्मी स्टार्स का ही नहीं, बल्कि वहां के निर्देशकों की भी आवाजाही खूब रही है। वहां के निर्देशकों के फिल्मांकन का अंदाज़ अनोखा और खास रहता है। थोड़े गजब के अंदाज़, गजब का एक्शन और एक अलग ही अंदाज़ में गाड़ियां उड़ती हुईं नजर आएँगी। मार-धार के साथ एक गजब का सेन्स ऑफ़ ह्यूमर भी वहां के निर्देशक फिल्मों में जोड़ते ही हैं। शायद यही वजह है कि जब भी वहां के निर्देशकों ने हिंदी फिल्मों की तरफ रुख किया है, उनके निर्देशन को हिंदी सिने प्रेमियों ने हरी झंडी दिखाई है। प्रभु देवा ने जब-जब हिंदी फिल्में जैसे ‘वांटेड’, ‘राउडी राठौड़’ जैसी फिल्में बनाई हैं, दर्शकों को उनका अंदाज़ खूब पसंद आया है। ‘वांटेड’ फिल्म जहाँ सलमान खान के लिए माइलस्टोन बनीं, वहीं मणिरत्नम ने प्रीति जिंटा, ऐश्वर्य राय बच्चन, अभिषेक बच्चन जैसे कलाकारों को अलग पहचान दी। प्रियदर्शन की फिल्मों ने मुझे लगता है कि जितना सबका मनोरंजन किया होगा, शायद ही किसी और ने किया होगा। प्रियदर्शन ने अक्षय कुमार से खूब कॉमेडी करवाई है। तो मैं कुछ ऐसे ही दक्षिण सिनेमा के ख़ास निर्देशकों पर बात करने जा रही हूँ, जिन्होंने हिंदी सिनेमा में भी अपनी धाक जमाई है।

प्रभु देवा

प्रभु देवा एक शानदार निर्देशकों में से एक रहे हैं और कोरियोग्राफी के साथ-साथ उनका अंदाज़ निर्देशन में भी खूब नजर आया है। हिंदी फिल्मों की बात करें तो प्रभु देवा ने सलमान खान की फिल्म ‘वांटेड’ का निर्देशन किया था और यह फिल्म सलमान खान के करियर की सुपरहिट फिल्मों में से एक रही।  प्रभु देवा ने 'सिंह इज ब्लिंग', 'एक्शन जैक्शन', 'राधे', 'आर राजकुमार', 'रमैया वस्तावैया' जैसी कई हिंदी फिल्मों का निर्माण किया। प्रभु देवा ने तमिल और तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री में अपनी खास पहचान स्थापित कर रखी है। प्रभु देवा ने हिंदी फिल्मों में काफी अभिनय भी किया है।

ए आर मुर्गडॉस

ए आर मुर्गडॉस की फिल्मों की बात करें, तो हिंदी में बेहद कम फिल्में निर्देशित की हैं, लेकिन सभी फिल्में खूब पसंद की गई हैं। दर्शकों को उनकी फिल्म गजनी, जो कि उन्होंने आमिर खान के साथ बनाई थी, काफी पसंद आई थी। इसके बाद उन्होंने अक्षय कुमार के साथ 'हॉलीडे' फिल्म बनायीं, जो सुपरहिट रही। इसके अलावा उन्होंने सोनाक्षी सिन्हा को लेकर अकीरा फिल्म भी बनायी, जिसे सोनाक्षी सिन्हा के करियर में खास माना जा रहा है।

Source: Instagram I @a.r.murugadoss

मणिरत्नम

मैं अभी दिल से के गाने सुनती हूँ, खासतौर से वह ऐ अजनबी वाला गाना, तो मनीषा कोइराला का मासूम सा चेहरा नजर आता है, वैसे सच कहूँ तो इसी फिल्म में प्रीति जिंटा ने जो दिल से पर डांसिंग स्टेप्स किये हैं, और आँखों की जो अदाएं दिखाई हैं, मैं काफी कोशिश करती हूँ, लेकिन वह एक्सप्रेशन अब तक नहीं कॉपी कर पाई हूँ। बहरहाल, मणिरत्नम की बात करूँ , तो उन्होंने हमेशा ही हिंदी फिल्मों में अलग मिजाज की फिल्में दी हैं और दर्शकों के दिल में उनके लिए एक अलग ही सम्मान है। मणिरत्नम की फिल्में 'गुरु', 'दिल से' और 'युवा', 'रोजा', 'बॉम्बे' ऐसी कुछ फिल्में हैं, जिन्हें दर्शक सदाबहार मानते हैं और हमेशा याद रखना चाहते हैं।

प्रियदर्शन

किंग ऑफ़ कॉमेडी का दर्जा प्रियदर्शन के अलावा भी किसी और को दिया जा सकता है भला, प्रियदर्शन ने पूरी दुनिया को जितना अपनी फिल्मों से हंसाया है, वह उल्लेखनीय हैं। ‘हेरा-फेरी’, ‘भागमभाग’ और ‘भूल भुलैया’ जैसी कई फिल्मों से एक अलग ही पहचान बनायीं। अक्षय कुमार प्रियदर्शन को अपने फ़िल्मी करियर के स्तम्भ मानते हैं, क्योंकि उनकी वजह से ही अक्षय कुमार की कॉमिक टाइमिंग और अंदाज़ दर्शकों के सामने आया। प्रियदर्शन की भी लम्बी फेहरिस्त है, हिंदी फ़िल्मी करियर में। वह एक वेटरन माने जाते हैं।

Source: Instagram I @priyadarshan.official

कृष

तेलुगू और तमिल सिनेमा में अपनी पहचान स्थापित करने वाले कृष भी हिंदी फिल्मों के निर्देशन में माहिर रहे हैं। उन्होंने 'गब्बर इज बैक' जैसी फिल्म बनायीं, जो हिंदी सिनेमा में काफी लोकप्रिय भी रही है। कृष और भी हिंदी फिल्मों का निर्माण करते नजर आने वाले हैं, आने वाले समय में।

संदीप रेड्डी वंगा

इनके अलावा संदीप रेड्डी वंगा की फिल्म 'कबीर सिंह' को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया,फिल्म में शाहिद कपूर ने लीड किरदार निभाया था और इस फिल्म को शाहिद के करियर में नयी ऊंचाइयां दे दी और दर्शकों ने उन्हें खूब पसंद भी किया।

Source: InstagramI @sandeepreddy.vanga

वैसे, मेरे ख्याल से वाकई में सिनेमा को किसी बंधन में नहीं बांधा जा सकता है, तभी तो लगातार हिंदी फिल्मों के कलाकारों का उधर जाना और उधर के कलाकारों का और टेक्निशियंस का इधर आना एक गजब का मिलाप होता रहा है, जिसे दर्शक हमेशा ही पसंद करते रहे हैं।