Exclusive ! Ajay Devgn ! हॉलीवुड के बड़े स्टार्स भी फिल्मों में छोटे, लेकिन यादगार किरदार करते हैं, पता नहीं, हमारे यहाँ स्टार्स क्यों नहीं करना चाहते

Exclusive ! Ajay Devgn ! हॉलीवुड के बड़े स्टार्स भी फिल्मों में छोटे, लेकिन यादगार किरदार करते हैं, पता नहीं, हमारे यहाँ स्टार्स क्यों नहीं करना चाहते

Anupriya Verma

बॉलीवुड में इनकी आँखें बोलती हैं, वह कम शब्दों में बात करते हैं, लेकिन जब बोलते हैं, तो स्क्रीन पर उनकी धाकड़ परफॉर्मेंस देख कर हर कोई हैरान होता है। जी मैं बात कर रही हूँ, दमदार अभिनेता अजय देवगन की, जो अभी गेस्ट भूमिका में भी कमाल कर जाते हैं। मैंने इस बात पर गौर किया है कि भले ही वह किसी फिल्म में गेस्ट अपीयरेंस में आएं, वह उन चंद दृश्यों में भी कमाल कर जाते हैं। फिर चाहे वह गंगूबाई काठियावाड़ी में रहीम लाला का किरदार हो, सूर्यवंशी फिल्म हो या फिर आरआरआर।  इन दिनों, वह अपनी फिल्म रनवे 34 को लेकर उत्साहित हैं और फिल्म को लेकर और साथ ही कई अन्य मुद्दों पर उन्होंने मुझसे कई दिलचस्प पहलू शेयर किये हैं, जिसके अंश मैं यहाँ पेश कर रही हूँ।

मैं काम एन्जॉय करता हूँ

अजय देवगन कहते हैं कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह किसी फिल्म में गेस्ट भूमिका में हैं, उन्हें काम में मजा आता है तो वह कर लेते हैं।

वह इस बारे में विस्तार से कहते हैं

मैंने कभी भी अपनी गेस्ट भूमिकाओं के लिए कोई तैयारी नहीं की होती है, मेरे डायरेक्टर्स आते हैं और काफी स्ट्रांग कैरेक्टर्स लेकर आते हैं,  इसलिए मैंने किया और मैं ऐसे किरदारों को लेकर सहज हूँ, हॉलीवुड में बड़े-बड़े एक्टर्स करते हैं कि वह दूसरी फिल्मों में गेस्ट अपीयरेंस करते हैं, छोटे कैरेक्टर्स करके चले जाते हैं, जो कि याद रह जाते हैं, मुझे बिल्कुल समझ नहीं आता है कि यहाँ के लोग क्यों नहीं करते हैं या क्यों करना नहीं चाहते हैं। उनको लगता होगा रोल छोटा है, लेकिन मेरा मानना है कि छोटा ही रोल पूरी फिल्म पर भारी पड़ रहा है, तो मैं क्यों न करूँ।

स्टारडम को हावी नहीं होने देता

अजय देवगन इस बात को लेकर भी स्पष्ट हैं कि वह स्टारडम को लेकर बहुत सीरियस नहीं होते हैं।

वह कहते हैं

मैंने कभी स्टारडम को मेंटेन करने की कोशिश नहीं की है, बस अलग-अलग तरह की फिल्में करने की कोशिश की है। मेरा मानना है कि अगर हम अच्छा काम नहीं करेंगे तो ऑउटडेटेड हो जायेंगे।

हीरोइज्म का मतलब है खुद को कैरी करना

अजय देवगन का कहना है कि वह हीरोइज्म का मतलब कुछ और नहीं समझते हैं।

वह कहते हैं

खुद को आप कहानी के हिसाब से किस तरह से कैरी करते हो, किस कॉन्फिडेंस के साथ जीते हो, वह महत्वपूर्ण होता है, मुझे लगता है कि इन दिनों स्क्रिप्ट्स में वे चीजें मिस हो रही हैं।

पैन इंडियन फिल्म को प्लान नहीं किया जा सकता है

इन दिनों साउथ इंडियन भाषाओं की फिल्में लगातार बन रही हैं और कामयाब भी हो रही हैं। इस बार अजय ने अपनी बात रखी है

वह कहते हैं

पैन इंडियन फिल्मों को पैन इंडियन सोच कर प्लान नहीं किया जाता है, धीरे-धीरे वह पैन इण्डियन फिल्म बन जाती है, रिलीज के बाद। मैं यह भी नहीं बता पाऊंगा कि इन फिल्मों से किस तरह से ऑडियंस कनेक्ट कर रही है, लेकिन यह भी सच है कि कनेक्ट कर रही है, इसलिए फिल्में कामयाब भी हो रही हैं। बाहुबली को भी राजामौली सर ने सोच कर नहीं बनाया था कि वह पैन इंडियन बने, उसकी सफलता ने उसे पैन इंडियन बना दिया। केजीएफ भी उस हिसाब से सोच कर नहीं बनी थी, जब लोकप्रिय हुई तो मेकर्स ने उसे उस हिसाब से बनाना शुरू किया।

अमिताभ बच्चन के साथ है अलग रिश्ता

अजय कहते हैं कि उन्हें अमिताभ बच्चन को अपनी फिल्म रनवे 34 में निर्देशित करते हुए कोई परेशानी नहीं हुई, वह बिल्कुल नर्वस नहीं हुए, क्योंकि वह उन्हें बचपन से ही जानते हैं

वह कहते हैं

मैं अमित जी को बचपन से जानता हूँ, हमारा एक दूसरे के साथ एक अलग ही रिश्ता है। मैंने इस फिल्म में ऑफिशियली उनको पहली बार डायरेक्ट किया है, लेकिन अनऑफिशियली फिल्म मेजर साब में डायरेक्ट किया था, जब डायरेक्टर बीमार हो गए थे, तो अमित जी ने कहा कि मैं जिम्मेदारी लूं , तो मैंने ले लिया था।
लेकिन हाँ, यह जरूर कहूंगा कि यह हर किसी की ड्रीम होती है कि वह अमित जी डायरेक्ट करे, वह जिस तरह से आज भी डेडिकेशन के साथ काम करते हैं। वह एक डायरेक्टर एक्टर हैं। वह एक ऐसे लीजेंड हैं, जिन्हें आप यूं ही कैजुअली नहीं ले सकते।

लड़कियां हर लिहाज से साथ हैं पुरुषों के

मैंने अजय से इस बारे में भी राय जाननी चाही कि लोगों का मानना होता है कि लड़कियां अच्छी ड्राइवर नहीं होती हैं, उनकी फिल्म में महिला पायलेट की भूमिका भी है। वह खुद इस बात पर क्या राय रखते हैं।

वह कहते हैं

यह अब पुरानी बातें हो गई हैं, अब जो लोग कुछ कहते भी हैं, तो मजाक में कहते होंगे, लेकिन अब सोच बदली है। अब हम नहीं कह सकते कि यह मेंस वर्ल्ड है, हर क्षेत्र में तो लड़कियां कमाल कर ही रही हैं, अपनी जगह बना ही रही हैं।

वाकई, मेरा मानना है कि भले ही अजय कम बातें करते हैं, लेकिन कम शब्दों में भी वह अपनी बात रख देते हैं और पूरे दमखम से रख देते हैं, इससे भी मुझे यह बात स्पष्ट होती है कि वह अपने काम और अपनी अप्रोच को लेकर कितने स्पष्ट हैं। उनकी आने वाली फिल्म रनवे 34, सिनेमा थियेटर में 29 अप्रैल को रिलीज होने वाली है। फिल्म में अमिताभ बच्चन, आकांक्षा सिंह और रकुल प्रीत सिंह मुख्य किरदार में हैं।